Saturday, January 19, 2019

आइए जानते हैं बरसों से चली आ रही कुम्भ स्नान के बारे में कुम्भ  स्नान के बारे में शास्त्रों का क्या कहना है श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 16 इस लोक 23 मैं गीता ज्ञान दाता कहता है कि अर्जुन जो शास्त्र विधि को त्याग कर मनमाना आचरण  करते हैं उनको ना तो कोई सिद्धि प्राप्त होत है ना कोई सुख और ना ही उनकी गति होती है अर्थात मोक्ष उसी श्रीमद्भागवत गीता मैं 18 अध्याय हैं और 700 श्लोक हैं मगर कीसी भी श्लोकों में गंगा स्नान करने की बात गीता ज्ञान दाता ने नहीं कही है और अध्याय 16 श्लोक 24 में गीता ज्ञान दाता ने कहा है की

अर्जुन जो शास्त्र में लिखी हैं उसी क्रिया को करना चाहिए किसी की दंतकथा में मत आ जाना
 दूसरी बात श्रीमद् देवी भागवत मैं वेदव्यास जी के द्वारा
पेज नंबर 428 वेदव्यास जी खुद कह रहे हैं की गंगा नहाने से शरीर का मैल तो धुल जाता है मगर मन का मैल धो दे इतनी शक्ति नहीं उसके लिए उन महापुरुषों की सत्संग की जरूरत है और इस पृथ्वी पर इस टाइम में एक सिर्फ संत रामपाल जी महाराज हैं शास्त्र अनुकूल भक्ति करवा रहे हैं अतः सभी भाइयों से हाथ जोड़कर निवेदन है की अपनी शास्त्रों की अध्ययन करें क्योंकि आज समाज पढ़ा-लिखा है और खुद फैसला करें श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 4 श्लोक 34 में गीता ज्ञान दाता ने खुद कहा है कि अर्जुन तू तत्वदर्शी संत के पास जा उस को दंडवत प्रणाम कर ओ जैसा उपदेश दे ऐसा कर
और उसी श्रीमद्भागवत गीता के अध्याय 15 श्लोक 1 से लेकर 4 तक उस तत्वदर्शी संत की पहचान बताइए


कुम्भ

गंगा नहाने से अगर हमारे पाप धुल जाते तो हमसे पहले उस में रहने वाले जीव जंतु उनके पाप पहले धुलते क्यो की  वह तो सदा ही जल में रहते हैं और गंगा स्नान करने वाला व्यक्ति कितने जीव की हत्या कर देता है उसे खुद नहीं पता जबकि गरुड़ पुराण में स्पष्ट लिखा है की पुण्य करने वाले को पुण्य मिलेंगे और पाप करने का वाले को पाप भोगने पड़ेगे आप गंगा में नहाने को
पुण्य मानते हो तो अपने एक पुण्य किया पर लाखों करोड़ों जीवो की हत्या कर दी जिसके पाप आप के बेड  अकाउंट में लिख दिए जाते हैं इसलिए आज समाज पढ़ा लिखा है और अपने  शास्त्रों को समझ सकता है इसलिए शास्त्रों में कौन सी विधि लिखी है परमात्मा पाने की कौन सी नहीं इसकी जांच करें और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें ज्ञान गंगा पुस्तक

आइए जानते हैं बरसों से चली आ रही कुम्भ स्नान के बारे में कुम्भ  स्नान के बारे में शास्त्रों का क्या कहना है श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 16 इस ...