गंगा नहाने से अगर हमारे पाप धुल जाते तो हमसे पहले उस में रहने वाले जीव जंतु उनके पाप पहले धुलते क्यो की वह तो सदा ही जल में रहते हैं और गंगा स्नान करने वाला व्यक्ति कितने जीव की हत्या कर देता है उसे खुद नहीं पता जबकि गरुड़ पुराण में स्पष्ट लिखा है की पुण्य करने वाले को पुण्य मिलेंगे और पाप करने का वाले को पाप भोगने पड़ेगे आप गंगा में नहाने को
पुण्य मानते हो तो अपने एक पुण्य किया पर लाखों करोड़ों जीवो की हत्या कर दी जिसके पाप आप के बेड अकाउंट में लिख दिए जाते हैं इसलिए आज समाज पढ़ा लिखा है और अपने शास्त्रों को समझ सकता है इसलिए शास्त्रों में कौन सी विधि लिखी है परमात्मा पाने की कौन सी नहीं इसकी जांच करें और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें ज्ञान गंगा पुस्तक
Saturday, January 19, 2019
कुम्भ
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आइए जानते हैं बरसों से चली आ रही कुम्भ स्नान के बारे में कुम्भ स्नान के बारे में शास्त्रों का क्या कहना है श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 16 इस ...
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https://youtu.be/_nVtJGbaA18
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