Saturday, January 19, 2019

कुम्भ

गंगा नहाने से अगर हमारे पाप धुल जाते तो हमसे पहले उस में रहने वाले जीव जंतु उनके पाप पहले धुलते क्यो की  वह तो सदा ही जल में रहते हैं और गंगा स्नान करने वाला व्यक्ति कितने जीव की हत्या कर देता है उसे खुद नहीं पता जबकि गरुड़ पुराण में स्पष्ट लिखा है की पुण्य करने वाले को पुण्य मिलेंगे और पाप करने का वाले को पाप भोगने पड़ेगे आप गंगा में नहाने को
पुण्य मानते हो तो अपने एक पुण्य किया पर लाखों करोड़ों जीवो की हत्या कर दी जिसके पाप आप के बेड  अकाउंट में लिख दिए जाते हैं इसलिए आज समाज पढ़ा लिखा है और अपने  शास्त्रों को समझ सकता है इसलिए शास्त्रों में कौन सी विधि लिखी है परमात्मा पाने की कौन सी नहीं इसकी जांच करें और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें ज्ञान गंगा पुस्तक

No comments:

Post a Comment

आइए जानते हैं बरसों से चली आ रही कुम्भ स्नान के बारे में कुम्भ  स्नान के बारे में शास्त्रों का क्या कहना है श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 16 इस ...